Sunday, June 8, 2014

रैक में सजी किताबें मील के पत्थर की तरह होती हैं 
किताबों में बंद किरदारों के लिए। 

वे अपनी कहानियों से निकलकर 
रोज़ एक सफ़र तय करते हैं। 

फिर लौट आते हैं 
जहाँ से चले थे..... 

-आरती 
(५/४/२०१४)

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