रैक में सजी किताबें मील के पत्थर की तरह होती हैं
किताबों में बंद किरदारों के लिए।
वे अपनी कहानियों से निकलकर
रोज़ एक सफ़र तय करते हैं।
फिर लौट आते हैं
जहाँ से चले थे.....
-आरती
(५/४/२०१४)
किताबों में बंद किरदारों के लिए।
वे अपनी कहानियों से निकलकर
रोज़ एक सफ़र तय करते हैं।
फिर लौट आते हैं
जहाँ से चले थे.....
-आरती
(५/४/२०१४)
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