Sunday, June 8, 2014

साँस के पहले सिरे से
देह के छूट जाने तक
मैँ तुम्हारा इंतज़ार करँगी..

उस दिन 
कुछ पल ही सही
अपनी जेब ख़ाली कर आना..

फ़ेँक आना वो तमाम सिक्के
जिनकी गूँज मेँ ग़ुम हो गई

हमारे रिश्ते की खनक....

-आरती

(jan 21/2014)

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