साँस के पहले सिरे से
देह के छूट जाने तक
मैँ तुम्हारा इंतज़ार करँगी..
उस दिन
कुछ पल ही सही
अपनी जेब ख़ाली कर आना..
फ़ेँक आना वो तमाम सिक्के
जिनकी गूँज मेँ ग़ुम हो गई
हमारे रिश्ते की खनक....
-आरती
(jan 21/2014)
देह के छूट जाने तक
मैँ तुम्हारा इंतज़ार करँगी..
उस दिन
कुछ पल ही सही
अपनी जेब ख़ाली कर आना..
फ़ेँक आना वो तमाम सिक्के
जिनकी गूँज मेँ ग़ुम हो गई
हमारे रिश्ते की खनक....
-आरती
(jan 21/2014)
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