अपने भीतर का ख़ालीपन
उसने अपने जूतोँ मेँ भर रखा है
जब चलती है,
फर्श पर निशान नहीँ छोड़ती
कहीँ उसका ये ख़ालीपन
किसी और को ना छू जाए
(आरती)
उसने अपने जूतोँ मेँ भर रखा है
जब चलती है,
फर्श पर निशान नहीँ छोड़ती
कहीँ उसका ये ख़ालीपन
किसी और को ना छू जाए
(आरती)
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