Sunday, May 17, 2015

वो नहीँ मरा

प्रेम हमेशा से स्वप्न रहा है..
तुमने कहा था
मैँने तुम्हेँ स्वप्न सा जिया
स्वप्न टूटा पर
बिखरी मैँ हूँ
मन के सबसे ऊपरी माले से
छलांग मारी है
प्रेम ने..
वो नहीँ मरा
मरी.. मैँ हूँ ..............
आरती

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