जज़्बातों का दरिया, लफ़्ज़ों के लिबास.....
मैं बस अहसास लिखती हूँ। शब्द महज़ लिबास भर हैँ।
Monday, March 16, 2015
रिक्तता
दो सांसोँ के बीच का ख़ालीपन..
तुम्हारे मेरे बीच
संवाद की रिक्तता है
जो अपने मौन मेँ भी शोर लिए हुए है
(आरती)
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