जज़्बातों का दरिया, लफ़्ज़ों के लिबास.....
मैं बस अहसास लिखती हूँ। शब्द महज़ लिबास भर हैँ।
Thursday, February 11, 2016
अलविदा
अलविदा,
प्लेटफार्म की बेंच पर सिसकता
पिट्ठू बैग है
-----------
आरती
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment