अपनी बेचैनियों में
तुम्हारे हिस्से का सुकून
बेवजह बहती साँसों में
तुम्हारे हिस्से की हिचकियाँ
तुम्हारे न होने के सच में
होने का भ्रम
बस ! तुम ख़ुश रहना हमेशा
यूँ मैं भी ख़ुश रहूंगी
थोड़े -थोड़े मुझमें
थोड़े-थोड़े तुम से
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आरती
तुम्हारे हिस्से का सुकून
बेवजह बहती साँसों में
तुम्हारे हिस्से की हिचकियाँ
तुम्हारे न होने के सच में
होने का भ्रम
बस ! तुम ख़ुश रहना हमेशा
यूँ मैं भी ख़ुश रहूंगी
थोड़े -थोड़े मुझमें
थोड़े-थोड़े तुम से
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आरती
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