Friday, July 17, 2015

एक जोड़ी आँखें

ख़्वाब आज फ़िर ख़ाली थे
पुतलियों पर तुम्हारी शक्ल टांगें
जल रहीं थी एक जोड़ी आँखें
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आरती 

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