जज़्बातों का दरिया, लफ़्ज़ों के लिबास.....
मैं बस अहसास लिखती हूँ। शब्द महज़ लिबास भर हैँ।
Sunday, August 3, 2014
तुम्हें याद करना
तुम्हें याद करना…मन में कुछ उधड़े हुए का
सिये जाना है।
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-आरती
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