प्रेम मेँ होना कितना सुखद है
ये सुख, पहाड़ की उतरन पर खड़े होने जैसा होता है
जबकि आप जानते हैँ कि नीचे दुख की ओर आना ही है
और ये बात टीस की तरह बनी रहती है सुख मेँ भी
असल मेँ इस टीस मेँ होना ही
प्रेम मेँ होना है
(आरती)
ये सुख, पहाड़ की उतरन पर खड़े होने जैसा होता है
जबकि आप जानते हैँ कि नीचे दुख की ओर आना ही है
और ये बात टीस की तरह बनी रहती है सुख मेँ भी
असल मेँ इस टीस मेँ होना ही
प्रेम मेँ होना है
(आरती)
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