अबोलेपन की छैनी से तोड़ती रही मैँ
संवाद की सब संभावनायेँ
फ़िर भी बेशिकन रही वक़्त की पेशानी
और हौले से कहा
"टूटना एक स्वभाविक प्रक्रिया है"
(आरती)
संवाद की सब संभावनायेँ
फ़िर भी बेशिकन रही वक़्त की पेशानी
और हौले से कहा
"टूटना एक स्वभाविक प्रक्रिया है"
(आरती)
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