जज़्बातों का दरिया, लफ़्ज़ों के लिबास.....
मैं बस अहसास लिखती हूँ। शब्द महज़ लिबास भर हैँ।
Wednesday, January 28, 2015
नीली चिड़िया
प्रेम,
उस नीली चिड़िया की तरह है
जो पूरा आसमान पीकर
ज़मीन का सिरा ढ़ूँढती रहती है।
(आरती)
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