अभी बाकी है
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हवा के झोंके से बुझ गयी थी जो
वो लौ मुझ में अभी बाकी है..
वक़्त की भीड़ में खो गया था जो
वो लम्हा मुझ में अभी बाकी है..
शख्सियत की जंग में हार गया था जो
वो वजूद मुझ में अभी बाकी है..
पल्कों की चिल्मन से रूठ गया था जो
वो ख़वाब मुझ में अभी बाकी है..
दिल की मिटटी में दफ्न हो गया था जो
वो जज़्बात मुझ में अभी बाकी है..
ज़िन्दगी की राह पर छूट गया था जो
वो मोड़ मुझ में अभी बाकी है ...
-(आरती)
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हवा के झोंके से बुझ गयी थी जो
वो लौ मुझ में अभी बाकी है..
वक़्त की भीड़ में खो गया था जो
वो लम्हा मुझ में अभी बाकी है..
शख्सियत की जंग में हार गया था जो
वो वजूद मुझ में अभी बाकी है..
पल्कों की चिल्मन से रूठ गया था जो
वो ख़वाब मुझ में अभी बाकी है..
दिल की मिटटी में दफ्न हो गया था जो
वो जज़्बात मुझ में अभी बाकी है..
ज़िन्दगी की राह पर छूट गया था जो
वो मोड़ मुझ में अभी बाकी है ...
-(आरती)
Swayam ki khoj sabse badi khoj hai ..
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